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हमारा जौनपुर » साहित्यकार

जल के लिए युद्ध और कचड़ाघर बनती नदियाँ |—- डॉ. दिलीप कुमार सिंह’

जल के लिए युद्ध और कचड़ाघर बनती नदियाँ |—- डॉ. दिलीप कुमार सिंह’

जल के लिए युद्ध और कचड़ाघर बनती नदियाँ |—- डॉ. दिलीप कुमार सिंह’ संपूर्ण पृथ्वी का सबसे अनोखा तत्व  जल है तथा नदियाँ सदैव ही मानव सभ्यता का केंद्र बिंदु रही हैं| मानव ने आदिकाल से ही अमृत तत्त्व कि खोज में अपना अमूल्य समय गंवाया है | जबकि जल ही वास्तविक रूप में अमृत है | धरती जल कि उपस्थिति से ही परम विचित्र एवं स्रष्टि संपन्न हो सकी है |प्रथ्वी तीन चौथाई जल से ढकी होने … Read entire article »

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हमने इंसान को बनते हुए पत्थर देखा |–डॉ. प्रेम जौनपुरी

हमने इंसान को बनते हुए पत्थर देखा |–डॉ. प्रेम जौनपुरी

हमने इंसान को बनते हुए पत्थर देखा |–डॉ. प्रेम जौनपुरी   डॉ. प्रेमचंद्र विश्वकर्मा ( प्रेम जौनपुरी ) की  शक्सियत किसी तार्रुफ कि मोहताज नहीं | एक मशहूर गज़लकार के साथ साथ रीडर ,तिलकधारी विधि महाविद्यालय जौनपुर, डीन (अधिष्ठाता) विधि संकाय वी०बी०एस. पूर्वांचल विश्वविधालय भी हैं | डॉ. प्रेमचंद्र विश्वकर्मा ( प्रेम जौनपुरी ) का जन्म १८ जुलाई १९४९ में ग्राम पोस्ट कोहडा सुलतानपुर जिला जौनपुर में हुआ | इनकी शिक्षा जौनपुर और वाराणसी से हुई | आपने … Read entire article »

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जौनपुर में गोमती नदी की सुंदरता और इसका प्रदूषित होता पानी

जौनपुर में गोमती नदी की सुंदरता और इसका प्रदूषित होता पानी

जौनपुर में गोमती नदी की सुंदरता और इसका प्रदूषित होता पानी   गोमती उत्तर भारत मे बहने वाली नदी है जिसका उदगम पीलीभीत जिले मे माधोटान्डा के पास होता है। इसका बहाव उत्तर प्रदेश मे ९०० किमी तक है। यह वाराणसी के निकट सैदपुर के पास गंगा में मिल जाती है I पुराणों के अनुसार गोमती ब्रह्मर्षि वशिष्ठ की पुत्री है| लखनऊ, लखीमपुर खेरी, सुल्तानपुर और जौनपुर शहर गोमती के किनारे पर स्थित हैं | जौनपुर शहर के पास गोमती नदी कि सुंदरता देखते ही बनती है जो अब प्रदूषण के करण … Read entire article »

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अकल्पनीय और झुलसाने वाली होगी गर्मी की ऋतु |— डॉ दिलीप सिंह

अकल्पनीय और झुलसाने वाली होगी गर्मी की  ऋतु |— डॉ दिलीप सिंह

अकल्पनीय और झुलसाने वाली होगी गर्मी की ऋतु |— डॉ दिलीप सिंह तमाम आंकड़ों एवं विश्लेषणों के बावजूद इस वर्ष सर्दी कि ऋतु २९ फरवरी तक चलती रहेगी | इस वर्ष गर्मी की ऋतु अकल्पनीय रूप से प्रचंड होगी | तथा झुलसा देने वाली गर्मी से लोग  त्राहि त्राहि कर उठेंगे | फ़रवरी के अंत तक ही अधिकतम तापमान जौनपुर वाराणसी सहित तमाम स्थानों पर ३५ डिग्री पार कर लेगा. पर न्यूनतम तापमान १५-१७ डिग्री सेंटीग्रेड … Read entire article »

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मेरे वतन को शिराज़-ए-हिंद जौनपुर कहते हैं |– शोला जौनपुरी

मेरे वतन को शिराज़-ए-हिंद जौनपुर कहते हैं |– शोला जौनपुरी

मेरे वतन को शिराज़-ए-हिंद जौनपुर कहते हैं |– शोला जौनपुरी शोला जौनपुरी के नाम से हर जौनपुर निवासी वाकिफ है | इस नाम को आज किसी तार्रुफ कि आवश्यकता नहीं है. शहीद अली उर्फ शोला जौनपुरी का जन्म जौनपुर मैं सन १९५० में हुआ था. इनके पिता अली रज़ा साहब भी एक मशहूर शायर थे | शोला जौनपुरी साहब ५ भाई हैं.  बड़े भाई मुनीर हसन थे उर्फ बर्क जौनपुरी एक मशहूर शायर थे.  आज भी … Read entire article »

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फील गुड का एहसास.

फील गुड का एहसास.

जी हाँ जनाब यह एक ऐसा एहसास है जो अक्सर लोगों को कुछ खास पसंदीदा काम करने में आता है. नेक इंसान को किसी की मदद करने में फील गुड का एहसास होता है तो बुरे इंसान को लूट,चोरी,बुराई इत्यादि बुरे काम करने में यह एहसास पैदा हुआ करता है. आज के समाज में इंसान अकेलेपन का शिकार होता जा रह है. यह सत्य है की महानगरों में व्यस्त जीवन के कारण इंसान अकेलेपन का शिकार … Read entire article »

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आओ कहें…दिल की बात -मेरी बेगम

आओ कहें…दिल की बात -मेरी बेगम

मेरी बेगम कहना ये है कि पिछले कुछ दिनों से बहुत परेशान हूँ मैं. कुछ समझ नहीं आ रहा कि क्या करूँ. जिन दिनों का सबसे ज्यादा इन्तजार था…जिन दिनों के लिए सबसे ज्यादा अरमान पाल रखे थे मैंने अब वो दिन आया है मेरी जिन्दगी में…लेकिन मैं वैसा कुछ भी नहीं कर पा रहा हूँ जैसा मैंने सोचा था…जो मैं चाहता था और जो मेरे अरमान थे. शायद वजह मैं ही हूँ…! मेरी “बेगम” का कहना … Read entire article »

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साहित्य वाचस्पति डॉ .श्रीपाल सिंह क्षेम : विनम्र श्रद्धांजलि

साहित्य वाचस्पति डॉ .श्रीपाल सिंह क्षेम : विनम्र श्रद्धांजलि

‘कुछ रीतों, कुछ अनरीतों में कुछ दिन बीत गये मीतों में, पर मेरे उतने ही दिन थे जितने बीत गये गीतों में।’’ इन पंक्तियों के रचयिता छायावादी कविता के राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कवि साहित्य महारथी, साहित्य वाचस्पति जैसे अलंकरणों से अलंकृत कृष्ण द्वैपायन महाकाव्य सहित दर्जनों काव्य खण्डों की रचयिता, गीतों के राजकुमार, तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. श्रीपाल सिंह क्षेम का 89 वर्ष की अवस्था में बुधवार को … Read entire article »

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जौनपुर अब हिंदी ब्लोगिंग के क्षेत्र में भी आगे

जौनपुर अब हिंदी ब्लोगिंग के क्षेत्र में भी आगे

ब्लोगिंग को आज़ाद पत्रकारिता भी कहा जाता है. यहाँ आप आज़ाद हैं किसी भी विषय पे अपने विचार खुल कर प्रकट करने के लिए और इसका फाएदा  समाज को बहुत से ब्लॉगर अपनी बेहतरीन लेखनी से पहुंचा भी रहे हैं. जौनपुर निवासियों ने भी पहचाना ब्लोगिंग के  महत्व को और कई वर्षों से इस क्षेत्र मैं कार्यरत हैं. मैंने कोशिश कि है कि मैं कुछ स्थापित ब्लोगर के ब्लॉग से आप सभी को परिचित करवा … Read entire article »

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आज मिलिए जौनपुर कि एक प्रतिभाशाली महिला से.

आज मिलिए जौनपुर कि एक प्रतिभाशाली महिला से.

अभी तक आप सबके सामने  जौनपुर सिटी के प्लेटफार्म से जौनपुर कि बहुत सी प्रतिभाओं को पेश किया जिसको जौनपुर निवासीयों ने बहुत पसंद किया. आज इन प्रतिभाओं का नाम पूरे विश्व के सामने है. आज मिलवाता हूँ जौनपुर कि एक प्रतिभाशाली महिला श्रद्धा जी से. मिलिए दिल्ली मैं रह रही जौनपुर निवासी श्रद्धा जी से जो इस समय शोधरत हैं ” समकालीन हिन्दी उपान्यासों में लोक संस्कृति के विभिन्न रूप के विषय पे. हिन्दी विभाग, जामिया … Read entire article »

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