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अपने अन्दर के लोकपाल को जागृत करें ..प्रो.सुंदर लाल

DSC08189स्वत्रन्त्रता दिवस के  पावन अवसर पर विश्वविद्यालय में ध्वजारोहण  के  पश्चात  विश्वविद्यालय के सम्मानित शिक्षक बन्धुओं ,अधिकारीगण और कर्मचारी भाइयों  को   स्वत्रन्त्रता दिवस की शुभकामना और बधाई   के साथ वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय   के  कुलपति प्रो.सुंदर लाल जी नें कहा कि हमारे देश ने स्वत्रन्त्रता पश्चात  प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की  है .इस महान देश   को   सबके योगदान और  सहयोग से अभी बहुत आगे ले जाना है और यह तभी संभव है जब हम  अपने अन्दर के लोकपाल को जागृत करें …..

उन्होंने कहा कि  आज हम विज्ञान-तकनीक    ,सूचना तकनीक ,परिवहन ,कृषि,शिक्षा,न्याय ,अर्थ व्यवस्था, और सुशासन  में दुनिया के कई मुल्कों से बहुत आगे हैं.हम पर कभी राज करनें वाले लोग और देश आज स्वयं दंगों की आग में झुलस रहे हैं  लेकिन विश्व बंधुत्व -भाई चारा-अमन चैन में यकीन करने वाला हमारा देश हर चुनौतियों में  सदैव मजबूत होकर निकला है.आजादी के बाद हमनें लोंगों को रोटी और कपड़ा के लिए तरसते हुए देखा है लेकिन आज हमारे किसान भाई इतनी उपज पैदा कर रहे हैं कि हम दुनिया के अन्य मुल्कों तक इसे पहुंचा रहे हैं.

स्वत्रन्त्रता आन्दोलन के अमर शहीदों को नमन करते हुए कुलपति जी नें कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ न जाय इस लिए हम सब    अपने अन्दर के लोकपाल को जागृत करें …और देश के विकास में अपनी भूमिका का निर्वहन  करें…उन्होंने कहा कि यदि आपनें अपनें अन्दर के लोकपाल को जागृत नहीं किया तो हम सब के  ऊपर बैठा  लोकपाल हमे कभी माफ़ नहीं करेगा,वह सब देख और सुन रहा है,उसकी लाठी में आवाज़ नहीं होती आपके जीवन काल में ही वह आप को न्याय दे देगा….

स्वत्रन्त्रता दिवस के  पावन अवसर विश्वविद्यालय परिसर में  पर्यावरण को समृद्ध रखनें के दृष्टिकोण  से बृक्ष  भी रोपित किये गये  .साभार

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5 Responses to "अपने अन्दर के लोकपाल को जागृत करें ..प्रो.सुंदर लाल"

  1. [...] उधर जौनपुर से सलाह आई है- अपने अन्दर के लोकपाल को जागृत करें! [...]

  2. यह बात सबसे जरूरी है!
    बहुत अच्छा आलेख प्रस्तुत किया है आपने!

  3. बहुत ही प्रेरक राय,आभार.

  4. अन्दर का लोकपाल जागृत हो जाय तो फिर पौ बारह !

  5. आदरणीय कुलपति जी
    आपका प्रेरक प्रसंग सोच और समझ को झकझोर देने वाला है, काश अवाम इस पर अमल कर पाती,यद्यपि अभी सम्भावनाएं कम नहीं हुयी है.आप जैसे लोग होंगे तो यह दिन भी बहुरेंगे.
    बहुत बधाई .
    सादर
    डॉ.लाल रत्नाकर
    ९४१२६७५०८९

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