हमारा जौनपुर » Archive
जौनपुर के साहित्यकार
जौनपुर जनपद का अनूठा इतिहास प्राचीन, ऋषि- मुनियों से संचित, समृद्ध, पौरातन्य के स्वाभिमान से उन्नतशील, मध्ययुगीन उलटफेर से विधकित, विदेशी सत्ता के विरूद्ध क्रान्तिकारी स्वतन्त्र सूरमाओं के कथा स्फूलिगो से ल्योतिष तथा आधुनिकताग्रही जीवन चेष्टाओं से अंकित रहा है। मध्यकाल में जौनपुर की शैक्षिक उपलब्धियों एव मधुरिया रागिनीमय संगीतिक उत्कर्ष, प्राकृतिक सौन्दर्य और प्रसिद्धी को सुनकर कबीर, नानक, जायसी जैसे ज्ञानी पुरूष इसे सजोने की स्पृहा का सन्वरण नही कर सके थे। जनपद में … Read entire article »
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जौनपुर कि मूली विश्व भर मैं अजूबा
मूली की नेवार प्रजाति जो कभी जौनपुर कि शान रही थी आज तलाशने पे भी नहीं मिलती.नेवार के नाम से मशहूर मूली का अब अता-पता नहीं .शहरीकरण जौनपुर की पहचान रही इस प्रजाति को निगल गया .यह मूली अपने बड़े अकार और मीठे स्वाद के लिए मशहूर थी. आप को जान के आश्चर्य होगा कि यहाँ की मूली छह से सात फीट लंबी व ढाई फीट मोटी होती थी. इस मूली को जौनपुर की सीमा से लगे आधा दर्जन गांवों में उगाया जाता था. इन सभी गांवों के करीब से गोमती नदी बहती है. लिहाजा सिंचाई के भरपूर साधन रहे हैं. अपनी भौगोलिक परिस्थिति और खास किस्म की मिट्टी के चलते नेवार प्जाति की मूली जौनपुर में ही होती है. किसी जमाने में पूरी दुनियां में सब पर भारी रहा … Read entire article »
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जौनपुर जो “शिराज़-ए-हिंद“ के नाम से भी मशहूर हैं
जौनपुर जो “शिराज़-ए-हिंद“ के नाम से भी मशहूर हैं, भारत के उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर एवं लोकसभा क्षेत्र है। मध्यकाल में शर्की शासकों की राजधानी रहा जौनपुर वाराणसी (भूतपूर्व बनारस) से 58 किमी. दूर है और यह गोमती नदी के दोनों तरफ़ फैला हुआ है। गुप्तकालीन मंदिर भी यहाँ पे पाए जाते हैं तथा गुप्त मुद्राओं के संग्रह के मिलने की खबरें भी मिल चुकी हैं, जिस से ऐसा लगता है की गुप्तकाल … Read entire article »
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शिराज़-ए-हिंद जौनपुर की प्रसिद्ध इमरती
जौनपुर जो “शिराज़-ए-हिंद” के नाम से भी मशहूर हैं, भारत के उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर एवं लोकसभा क्षेत्र है। मध्यकाल में शर्की शासकों की राजधानी रहा जौनपुर गोमती नदी के दोनों तरफ़ फैला हुआ है। कभी यह अपने इत्र और सुगंधित चमेली के तेलों के लिए मशहूर था लेकिन आज वहाँ इत्र तो कभी कभार दिख जाता है लेकिन चमेली का तेल तलाशना मुश्किल हो जाता है. लेकिन जौनपुर शहर की हरे उड़द, … Read entire article »
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औड़िहार से पहली पैसेंजर गाड़ी रविवार २० फरवरी २०११ को
औड़िहार से पहली पैसेंजर गाड़ी रविवार २० फरवरी २०११ को जंक्शन (भंडारी) के प्लेटफार्म नंबर पांच पर सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर सीटी बजाती पहुंची. औड़िहार-जौनपुर के बीच आमान परिवर्तन के बाद यह पहली पैसेंजर ट्रेन चलायी गयी है. दुधौड़ा, डोभी, केराकत, मुफ्तीगंज तथा यादवेंद्र नगर के अलावा अन्य हाल्ट स्टेशनों पर रुकती हुई यह जंक्शन पर पहुंची केराकत से जौनपुर तक की ३० किलोमीटर की दूरी महज चार रुपये किराया देकर तय होने से गरीब … Read entire article »
जौनपुर -भौगोलिक संरचना
जौनपुर -भौगोलिक संरचना जनपद जौनपुर वाराणसी मण्डल के उत्तरी- पश्चिमी भाग में स्थित है। इसका भू-भाग 25.24 और 26.12 के उत्तरी अक्षांश तथा 82.7 और 83.5 पूर्वी देशान्तर के मध्य में है। यह समुद्र सतह से 261-290 फीट की उचॉई पर बसा हुआ है। जनपद का समपूर्ण भू-भाग समतल है, केवल नदियों की घाटियों का भू-भाग असमतल है। गोमती एवं सई यहॉ की प्रमुख एवं अनवरत बहने वाली नदियॉ है। इसके अतिरिक्त वरूणा, बसुही, पीली, … Read entire article »
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जौनपुर शिराज़ ए हिंद भाग १
जौनपुर ब्लोगेर्स और अमन का पैग़ाम की आवाज़ अर्चना चावजी को सुनें जौनपुर का इतिहास. जौनपुर जो “शिराज़-ए-हिंद“ के नाम से भी मशहूर हैं, भारत के उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर एवं लोकसभा क्षेत्र है। मध्यकाल में शर्की शासकों की राजधानी रहा जौनपुर वाराणसी (भूतपूर्व बनारस) से 58 किमी. दूर है और यह गोमती नदी के दोनों तरफ़ फैला हुआ है। गुप्तकालीन मंदिर भी यहाँ पे पाए जाते हैं तथा गुप्त मुद्राओं के संग्रह के मिलने … Read entire article »
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